मेरे बेटियों ! ईमान और इज़्ज़त की हिफाज़त सबसे बड़ी कामियाबी है : मुफ्ती मोहम्मद हारून नदवी चोपड़ा में खाटिक समाज का कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम बेहद कामियाब

शैख़ जमील मुख्य संपादक शब्द की गूंज
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अल्लाह और उस के लाडले नबी आपको तालीम हासिल करने से मना नहीं करते हैं, क़ुरआन का सबसे पहला हुकम "इक़रा" यानी "पढ़" का है, तुम आसमान की बुलंदियों पर पाहो पहोंच जाओ, चाँद पर कमन्द डालो, हवाओं में उड़ो, साइंस को अपने कदमों में ले आओ इस्लाम आपको मना नहीं करता, मगर अपनी इज़्ज़त और अपने इमान की हिफाज़त सबसे बड़ी चुनौती है, अपने माँ बाप अपने समाज और अपने दीन इस्लाम की इज़्ज़त की हिफाज़त का हुनर सबसे बड़ी डिग्री है, आज माँ बाप तुमको पढ़ने का मौक़ा दे रहे हैं, ख़ूब पढ़ो अपना अपने माँ बाप और अपने समाज के साथ मुल्क का नाम रौशन करो, और सुनो अब बिन पढ़े गुज़ारा भी नहीं होंगा,इज़्ज़त से जीना चाहते हो तो दौलत नहीं तालीम हासिल करो, इल्म ही आपको आगे चलायेगा और बढ़ाएगा, ऎसी बहोत ही अहम नसीहतें कार्यक्रम के और खाटिक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद हारून नदवी ने चोपड़ा के अजीमोशान कैरियर गाइडेन्स कार्यक्रम में की। इस प्रोग्राम में मुंबई कल्याण भिवंडी से भी बड़े बड़े स्कॉलर्स को गाइडेन्स के लिए बुलाया गया था,मौलाना आज़ाद आर्थिक विकास महामण्डल महाराष्ट्र सरकार के आला अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की और बच्चों को बताया कि आपके लिए करोड़ों रुपए सरकार ने रखा है कि आप अच्छी तालीम हासिल करो, अपना और अपने मुल्क का नाम रौशन करो, अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाओ, जलगांव से डॉ रागिब अहमद ने भी स्टूडेंट्स की रहनुमाई की और कोर्सेज़ के बारे में तफसील बताया, इस कार्यक्रम में कुछ स्टूडेंट्स को अच्छे मार्कस लाने और आला तालीम हासिल करने पर मेहमानों के हाथों से ट्रॉफीज सर्टिफिकेट देकर सत्कार सम्मान भी किया गया,आखिर में समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कार्यक्रम के अध्यक्ष मुफ़्ती मोहम्मद हारून नदवी ने चोपड़ा वालों को इस शानदार प्रोग्राम के लिए बहुत मुबारकबाद और दुआएं दीं और तालीम व तरबियत की अहमियत पर क़ुरआन हदीस की रौशनी में बहोत ही अहम बातें पेश की और माँ बाप को भी उनकी जिम्मेदारी का एहसास दिलाया ।
इस प्रोग्राम में खाटिक समाज के परदेश अध्यक्ष यूसुफ खाटिक, गुजरात और मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के सामज के तमाम पदाधिकारी हज़ारों की तादाद में मौजूद थे, क्योंकि दूसरे सेशन में 3 से पांच तक समाज की सालाना जायज़ा मीटिंग भी ली गई और आगे  समाज के लिए क्या क्या मनसूबे तालीम व तरक्की के होंगे इस पर तफसीली बात हुई, ये दोनों सेशन बेहद कमियाब रहे, मुफ्ती साहब की दुआ पर प्रोग्राम खतम हुवा।

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