मलकापुर शहर की आम जनता ने इस बार नगर परिषद चुनाव में एक बड़ा और साहसी फैसला लेते हुए युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया है जनता ने उम्मीदों का नहीं, बल्कि बदलाव की साथ एक युवा चेहरे को नगर अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी है चुनाव के दौरान इस युवा नेतृत्व ने साफ शब्दों में कहा था “हम वादे नहीं, इरादे लेकर आए हैं
आज वही घड़ी है, जब मलकापुर नगर परिषद में नए नगर अध्यक्ष औपचारिक रूप से चार्ज ले चुके हैं। इस अवसर पर नगर परिषद परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है कार्यक्रम में बहुत से लोग मौजूद थे लेकिन तालियों की गूंज से ज्यादा लोगों की आंखों में सवाल और उम्मीदें साफ नजर आ रही थी इस बीच चर्चाएं यह भी चल रही थी कि अब असली परीक्षा शुरू होने वाली है।
बरसों से पीने के पानी की समस्या सफाई, नालियों, सड़कों और बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती मलकापुर की जनता आज यही जानना चाहती है कि चार्ज लेने के बाद नगर अध्यक्ष का पहला कदम क्या होगा?
क्या सबसे पहले पेयजल की समस्या पर ध्यान दिया जाएगा
क्या गंदगी और कचरे से जूझते वार्डों को राहत मिलेगी?
या फिर नगर परिषद की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की शुरुआत होगी?
आज से इरादों को जमीन पर उतारने का वक्त शुरू हो गया है। जनता अब भाषण नहीं, काम देखना चाहती है। युवा नेतृत्व से मलकापुर को उम्मीद है कि सत्ता नहीं, सेवा को प्राथमिकता दी जाएगी।
अब नजरें टिकी हैं नगर परिषद के पहले फैसले पर —
क्योंकि पहला कदम ही तय करेगा, यह बदलाव की शुरुआत है या सिर्फ सत्ता का बदलाव क्योंकि मलकापुर शहर में तो चर्चा ऐसी भी चल रही है कि चाय से ज्यादा केतली गरम नजर आ रही थी उसे प्रोग्राम में देखते हैं अभी आगे आम जनता से वादे नहीं इरादे लेकर जो आए थे वह बैठने के बाद पहले क्या कदम उठाते हैं उन्होंने जो उनका पंपलेट छपा था उसे पंपलेट में जो काम है उसमें से पहले काम कौन सा शुरू होता है यह भी एक देखने वाली बात है काम तो बहुत है लेकिन शुरुआत कहां से होगी यह आम जनता की नजर अब नगर परिषद पर टिकी हुई है क्योंकि आम जनता ने युवा नगर अध्यक्ष पर भरोसा करके भारी बहुमत से और अपने कीमती वट देकर उनके सर पर ताज पहनाया है अब वह कितना आम जनता के काम आता है यह भी एक चर्च का विषय है मलकापुर शहर में ऐसी चर्चा चल रही है


