हाल ही में हुए दो नौजवान बच्चों की अवैध बायोडीजल की टंकी में गिरने से मौत और उससे पहले एक नौजवान की मौत हो चुकी है यह हादसा है या फिर एक मर्डर है क्योंकि एक बार अगर कोई घटना होती है तो उसे हादसा मान लिया जाता है लेकिन इस जगह पर अगर डबल से कोई घटना हुई है तो यह एक हादसा है या मर्डर है इसकी भी चौकसी प्रशासन ने सही तरीके से करना चाहिए चाहे वह राजकीय लोगों का हो या किसी भी लोगों का हो अवैध धंधों में दो पैसा ज्यादा कमाने वाले लोगों के पास क्या किसी की जान की कोई परवाह नहीं है उसको देखते हुए पालक मंत्री साहब ने जिला प्रशासन को इस पर खुद आदेश दिया है क्या प्रशासन राजकीय लोगों के दबाव में काम कर रहा है या फिर अवैध धंधों पर कार्रवाई करेगा ऐसी आम जनता में चर्चा है
खामगांव से मलकापुर राष्ट्रीय महामार्ग पर 18 से भी ज्यादा अवैध बायो-डीजल पंप धड़ल्ले से चल रहे हैं। अब इन पर लगाम कसने की तैयारी पूरी हो चुकी है
पालकमंत्री ने साफ और सख्त आदेश दिए हैं
कितने भी रसूखदार लोग क्यों न हों, अवैध पंप किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे
हादसे ने बढ़ाई सख्ती
बताया जा रहा है कि इन अवैध पंपों की वजह से हाल ही में तीन नौजवान बच्चों की जान चली गई। यह मामला महज़ हादसा है या सुनियोजित मर्डर — इस पर भी शक के बादल गहराए हुए हैं। इसी कारण पालकमंत्री ने जिला प्रशासन को तुरंत कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं
बिना लाइसेंस और अवैध कारोबार करने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी
पंप सील करने और जब्ती की कार्रवाई अगले कुछ दिनों में शुरू होने की संभावना है
जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है। ग्रामीणों और ट्रक चालकों का कहना है कि घटिया और अवैध डीजल से वाहनों को भारी नुकसान हो रहा था और हादसों का खतरा भी बढ़ रहा था
बुलढाणा जिले में अवैध बायो-डीजल के इस काले कारोबार पर अब गाज गिरनी तय है प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई कब शुरू होती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं
