मलकापुर नगर परिषद चुनाव के बाद पानी का संकट
मलकापुर शहर में नगर परिषद चुनाव के दौरान बड़े-बड़े दावे किए गए थे कुछ जनप्रतिनिधियों ने कैमरे के सामने कहा था हम वादे नहीं, इरादे लेकर आए हैं लेकिन चुनाव खत्म हुए अब करीब 12 से 13 दिन बीत चुके हैं और हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है
चुनाव खत्म होने के बाद और पानी पोरोटा का दौरा करते हुए वीडियो में यह दावा किया गया था कि जिन इलाकों में 10–12 दिन में पानी नहीं पहुंचता, वहां 4–5 दिन में पानी उपलब्ध कराया जाएगा
लेकिन आज हालात यह हैं कि मलकापुर की आम जनता पीने के पानी के लिए तरस रही है
शहर के कई हिस्सों में नलों से पानी नहीं पहुंच रहे, और लोग मजबूरी में दूर-दराज़ से पानी लाने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चुनाव के वक्त जो बातें कही गई थीं, वे अब ज़मीन पर दिखाई नहीं दे रहीं।
जनता की प्रतिक्रिया
“चुनाव के पहले कहा गया था कि समस्या तुरंत हल होगी, लेकिन अब कोई सुनने वाला नहीं है
“अगर पहले ही सच बता देते तो जनता भी उम्मीदें नहीं पालती
मलकापुर में अब नगर अध्यक्ष और नगर परिषद पर सवाल उठने लगे हैं। जनता के बीच चर्चा है कि क्या चुनावी इरादे सिर्फ भाषणों तक ही सीमित थे?
क्या पानी जैसी बुनियादी ज़रूरत पर भी वादे पूरे नहीं किए जाएंगे?
अब देखना यह होगा कि नगर परिषद और नगर अध्यक्ष इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं अभी तो यह ठंडी का टाइम है आगे तो अभी गर्मी के दिन बाकी है या फिर मलकापुर की जनता को यूं ही पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा
ऐसी आम जनता में चर्चा चालू है

