वादे नहीं इरादों के साथ जो नगर अध्यक्ष चुनकर आए हैं आम जनता उनके तरफ निगाहें लगाए बैठी है परपट की साफ सफाई को लेकर

शैख़ जमील मुख्य संपादक शब्द की गूंज
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नगर परिषद का सौतेलापन या प्रशासनिक लापरवाही? परपट की आम जनता सवालों के साथ खड़ी

परपट क्षेत्र की आम जनता आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। खासकर परपट के मुस्लिम बहुल इलाके में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी देखने को मिल रही है। न तो नियमित रूप से कचरा गाड़ी आ रही है और न ही नालियों की सफाई की कोई व्यवस्था नजर आ रही है।

गंदगी के ढेर, जाम नालियां और फैलती बदबू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सवाल यह उठता है कि क्या नगर परिषद का विकास सिर्फ कुछ चुनिंदा इलाकों तक ही सीमित है? क्या परपट की यह बस्ती नगर परिषद की नजर में आती ही नहीं?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आम जनता यह महसूस कर रही है कि उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

अब परपट की जनता की निगाहें माननीय नगर अध्यक्ष पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि नगर अध्यक्ष इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देंगे और बिना भेदभाव के सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे।

क्योंकि विकास तभी सार्थक होता है, जब वह हर गली, हर मोहल्ले और हर नागरिक तक पहुंचे। परपट की आम जनता आज भी इसी उम्मीद में बैठी है कि उनकी आवाज सुनी जाएगी और जल्द ही हालात बदलेंगे ऐसी आम जनता में चर्चा चल रही है

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