हम अधिकार के प्रति जागरूक हैं लेकिन कर्तव्य के प्रति उदासीन हैं

शैख़ जमील मुख्य संपादक शब्द की गूंज
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    - प्रो.  डॉ।  राजेश भामरे
  इकरा थीम कॉलेज में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस
  जलगाँव 18/12/2022 - यहाँ इकरा शिक्षा संस्थान के एच.  जे।  थीम सीनियर कॉलेज में "अल्पसंख्यक अधिकार दिवस" ​​मनाया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य इब्राहिम पिंजारी ने की।  मुख्य वक्ता के रूप में मार्गदर्शन किया।  प्राध्यापक डॉ.  राजेश भामरे ने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि भारत की कला, संस्कृति और विकास में अल्पसंख्यक समुदाय का योगदान है।  भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अल्पसंख्यक समुदाय की भी सक्रिय भागीदारी थी।  आजादी के बाद सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक, शैक्षणिक और प्रगति के लिए प्रयास करती रही है।  लेकिन फिर भी बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समाज के बीच गलतफहमियों के कारण सामाजिक समरसता का अभाव है।  यदि दोनों समाज एक-दूसरे के सम्मान, आस्था, विश्वास, मत का सम्मान करेंगे तो निश्चय ही एक-दूसरे के प्रति प्रेम की भावना पैदा होगी और राष्ट्रीय एकता सच्चे अर्थों में सुदृढ़ होगी।  हम अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं लेकिन अपने कर्तव्यों के प्रति उदासीन हैं।
  डॉ।  वकार शेख ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में आर्थिक संपन्नता सामाजिक क्रांति का आधार है, मुख्यतः मुस्लिम समाज में अल्पसंख्यकों के पास गरीबी के कारण उच्च शिक्षा का प्रमाण नहीं है।  अल्पसंख्यक समुदाय की उन्नति के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय है और सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जन जागरूकता पैदा करना आवश्यक है।प्रो पिंजारी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि सरकार को प्रगति के लिए एक ठोस कार्यक्रम योजना लागू करनी चाहिए। अल्पसंख्यक समुदाय के।  अल्पसंख्यक समुदाय कार्यक्रम का संचालन प्रो मुजम्मिल काजी ने किया।  उप प्राचार्य डॉ.  पटेल वाई.ई.  शुक्रिया  प्रो  डॉ।  चांद खान ने इसे सफल बनाने की कोशिश की।  बड़ी संख्या में प्राध्यापक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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