हुजूर पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का एक पैगाम उम्मते मुस्लिमा के नाम

शैख़ जमील मुख्य संपादक शब्द की गूंज
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ईद मिलादुन्नबी का  पूरे इस्लामी जगत में बड़े ही अकीदत और मोहब्बत के साथ मनाया जाता है यह दिन उस पाक शख्सियत की याद दिलाता है जिनके आने से पूरी दुनिया रोशन हुई  हुजूर ए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है 
हुजूर ए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उम्मत को यह पैगाम दिया कि ईमान, अमन और इंसाफ के रास्ते पर चलो। उन्होंने फरमाया कि इस्लाम का असल मकसद इंसानियत की भलाई है अल्लाह ताला रब्बुल आलमीन है यानी वह सारे जहानों का मालिक है और हुजूर ए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रहमतुल्लिल आलमीन हैं यानी सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि पूरी इंसानियत और दुनिया के लिए रहमत बनकर आए हैं
ईद मिलादुन्नबी मनाने का असल तरीका यही है कि हम उनके बताए हुए रास्ते पर चलें  नमाज की पाबंदी करें  रोजमर्रा की जिंदगी में सचाई, ईमानदारी और इंसाफ को अपनाएं गरीबों और जरुरतमंदों की मदद करें और इंसान से इंसान को मोहब्बत से जोड़ें
आज के दौर में उम्मते मुस्लिमा के लिए सबसे बड़ा सबक यही है कि हम मिलजुल कर भाईचारे और अमन के साथ जिंदगी गुजारें क्योंकि हुजूर ए पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का पैगाम यही है  मोहब्बत, रहमत और इंसाफ उनकी याद में ईद मिलादुन्नबी मानना और गरीबों जरूरतमंदों को मदद पहुंचाना और मीठा बनाना यह आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की तरीका है हमारे आका के बताए हुए तरीके और सुन्नत पर चलना यही मुसलमान का असली ईमान है और हम उम्मीद करते हैं कि हमारे नौजवान इस तरीके को अपनाएंगे इंशाल्लाह

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