केंद्रीय मंत्री माननीय नितिनजी गडकरी की आभासी उपस्थिति।
विदर्भ अर्थ व वाणिज्य कनिष्ठ महाविद्यालय शिक्षक मंडल का रजत जयंती (१९ और २० दिसंबर २०२५) का दो दिवसीय परिसंवाद हाल ही में नागपुर में संपन्न हुआ। इस परिसंवाद के समापन समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री माननीय नितिनजी गडकरी की आभासी उपस्थिति रही। साथ ही भारत सरकार के सह-सॉलिसिटर जनरल एडवोकेट उल्हास औरंगाबादकर, नागपुर विभागीय शिक्षा मंडल के अध्यक्ष डॉ. शिवलिंग पटवे, माननीय विधायक एडवोकेट अभिजीत वंजारी, स्वागताध्यक्ष के रूप में विज्युक्टा के अध्यक्ष डॉ. अविनाश बोर्डे, प्रमुख वक्ता नागपुर विभाग लोकमत के संपादक माननीय श्रीमंतजी माने, विदर्भ अर्थ व वाणिज्य मंडल के अध्यक्ष डॉ. अशोक गव्हाणकर तथा सचिव डॉ. चेतन हिंगणेकर उपस्थित थे।
इस अवसर पर माननीय नितिन गडकरी ने विदर्भ में कृषि की कम उत्पादकता, कृषि-आधारित उद्योगों के प्रति उपेक्षा, राज्य की अर्थव्यवस्था में विदर्भ की स्थिति तथा इसका रोजगार पर पड़े प्रभाव को स्पष्ट किया। विधायक अभिजीत वंजारी ने शैक्षिक नीति की कमियों को उजागर किया। श्रीमंत माने ने विदर्भ में कृषि और आत्महत्याओं की दर्दनाक तस्वीर प्रस्तुत की। एडवोकेट औरंगाबादकर ने वाणिज्य व अर्थशास्त्र के साथ कानून के ज्ञान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। स्वागताध्यक्ष के रूप में बोलते हुए डॉ. बोर्डे ने कहा कि वर्तमान में शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने से अधिक सरकारी ऐप्स पर लगातार काम करने, सरकारी ग्राम योजनाओं की रिपोर्टिंग, चुनावी कार्य और जनगणना में लगे रहते हैं; शेष समय विद्यार्थियों की परीक्षाओं और मूल्यांकन तक सीमित रह जाता है। ऐसी नीतियाँ लागू की जा रही हैं जो शैक्षणिक गुणवत्ता से ध्यान हटाती हैं, जो व्यवस्था को कमजोर करती हैं और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
राज्य भर से अनेक प्राध्यापक उपस्थित थे। अमरावती विभाग से डॉ. मोहम्मद नदीम मोहम्मद शमीम (प्राध्यापक – के.एम. असगर हुसैन जूनियर कॉलेज, अकोला) ने शोध पत्र प्रस्तुत कर सहभागिता की। प्रा. डॉ. विजय चौहान और प्रा. अतुल फोकमारे (महात्मा गांधी जूनियर कॉलेज, गांधीग्राम, अकोला) ने भी सहभाग लिया। कार्यक्रम का प्रस्तावना भाषण डॉ. अशोक गव्हाणकर ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. चेतन हिंगणेकर ने किया।
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