मलकापुर नगर परिषद चुनाव में दलाली का कच्चा चिट्ठा सामने आने लगा है एक ही इलेक्शन में तीन-तीन उम्मीदवारों से सेटिंग और फिर भी नहीं भरा पेट

शैख़ जमील मुख्य संपादक शब्द की गूंज
By -
0

 



मलकापुर शहर में ऐसी चर्चा है कि 

नगर परिषद इलेक्शन में दलालों का खुलेआम सेटिंग सामने आने लगा है लेकिन इस बार एक दलाल ने जो कारनामा किया है उसने हद ही पार कर दी है

 चर्चा तो ऐसी है कि सबसे पहले यह दलाल एक नगर सेवक के साथ सेटिंग करता है और चंद सिक्कों में अपना जमीर बेच देता है

लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकती है

पहला सेटिंग

पहले उम्मीदवार को सपोर्ट करने का वादा उसके बदले में जेब गर्म की है उसके बाद

दूसरा सेटिंग

उसी दूसरे नगर सेवक का पहले नगर सेवक का वीडियो देने के नाम पर भी दलाली की है और वीडियो उसे दूसरे उम्मीदवार को बेच दिया वह वीडियो में ऐसा क्या था वह भी सामने आना जरूरी है उसके बाद

तीसरा सेटिंग

 पहले दो उम्मीदवारों से सेटिंग करने के बाद फिर तीसरे उम्मीदवार के पास पहुँच गया और वही वीडियो वहाँ भी दिया और कहने लगा इससे तुम्हें बहुत फायदा होगा ऐसा करके अपनी जब गर्म किया और निकल गया ऐसे दलालों की वजह से प्रभाग के लोगों का बहुत नुकसान होता है 

एक ही प्रभाग में तीन-तीन सौदे!


जो काम लोग नहीं करते, इस दलाल ने एक ही प्रभाग में तीन-तीन बार कर दिखाया

और जब इतना  से भी  दिल नहीं भरा तो फिर उसने  बाकी नगर सेवकों के भी अपना शिकार बनाया और भीख मांगा 

सूत्रों का दावा है कि इस दलाल ने इसके बाद भी इलेक्शन में खड़े लगभग बहुत से उम्मीदवार के पास जाकर ₹2000 की भीख भी माँगी, जैसे शहर की राजनीति उसका निजी एटीएम हो

सबसे बड़ा सवाल  

शहर में चर्चा है कि इस दलाल की न तो घर में इज्जत है न परिवार में कोई सम्मान

इसके बावजूद बाज़ार में घूम-घूम कर बोलता है

मैं चाहूं तो किसी को जिता दूं मैं चाहूं तो किसी को गिरा दूं

लेकिन असलियत कुछ और ही निकली

चुनाव के बाद उसकी ही बेज्जती हो गई

कई लोगों ने खुलेआम गंदे अल्फ़ाज़ कहकर उसे उसकी औकात याद दिलाई

 है जो दलाल जूते चप्पल वालों के पैसे नहीं दे सकता वह अपने आप को बहुत बड़ा लीडर समझता है ऐसे दलालों की हर जगह चारों तरफ बेइज्जती हो रही है

मलकापुर की राजनीति कब तक ऐसे दलालों के चंगुल में फँसी रहेगी?

कब जनता समझेगी कि शहर का असली नुकसान इन ‘दो टके की सेटिंग’ करने वाले दलालों से ही होता है ऐसी मलकापुर शहर में चर्चा चल रही है

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)