मलकापुर शहर में पिछले दो दिनों से ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि नगर परिषद के मुख्य अधिकारी (Chief Officer) अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं हैं। इस कारण विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए नगर परिषद पहुँचने वाले नागरिकों को बिना काम हुए वापस लौटना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब वे अपने जरूरी कार्यों के लिए नगर परिषद कार्यालय पहुँचते हैं, तो उन्हें मुख्य अधिकारी के उपलब्ध न होने की जानकारी दी जाती है। वहीं, कई मामलों में कार्यालय के कर्मचारी और अन्य अधिकारी भी उनकी अनुपस्थिति के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ दिखाई देते हैं, जिससे नागरिकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
जनता के प्रमुख सवाल
क्या मुख्य अधिकारी आधिकारिक अवकाश पर हैं? यदि हाँ, तो इसकी पूर्व सूचना या नोटिस बोर्ड पर जानकारी क्यों प्रदर्शित नहीं की गई?
यदि मुख्य अधिकारी अवकाश पर हैं या शासकीय दौरे पर गए हैं, तो उनके स्थान पर किस अधिकारी को कार्यवाहक प्रभार सौंपा गया है?
जिन नागरिकों के आवश्यक शासकीय कार्य लंबित हैं, उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
नागरिकों का कहना है कि जन्म प्रमाणपत्र, विभिन्न प्रमाण-पत्रों में त्रुटि सुधार तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए उन्हें मुख्य अधिकारी से मिलने की सलाह दी जाती है। लेकिन अधिकारी के अनुपस्थित रहने से लोगों को बार-बार नगर परिषद के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है।
आम जनता का मानना है कि नगर परिषद को नियमित रूप से कर (टैक्स) देने वाले नागरिकों को समय पर मूलभूत सेवाएं और प्रशासनिक सहयोग मिलना उनका अधिकार है। ऐसे में किसी वरिष्ठ अधिकारी की अनुपस्थिति की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध न होना पारदर्शी प्रशासन की भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन एवं नगर प्रशासन विभाग से मांग की है कि इस स्थिति का तत्काल संज्ञान लिया जाए, मुख्य अधिकारी की अनुपस्थिति के संबंध में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए तथा नगर परिषद में वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों के आवश्यक कार्य बिना अनावश्यक विलंब के पूरे हो सकें।

